Saturday, 1 March 2025

समय अनमोल है निबंध Essay on samay anmol hai in hindi

समय अनमोल है पर निबंध

जीवन में यदि कोई सबसे महत्वपूर्ण चीज है तो वह समय ही है समय अनमोल है जिसका कोई मोल नहीं होता हमारे जीवन में कई सारी वस्तुएं होती हैं जिनका हम मोल आंख सकते हैं लेकिन समय का कभी भी मूल आंका नहीं जा सकता।

समय अनमोल है पर एक बार समय निकल जाए तो वह कभी भी लौटकर दोबारा नहीं आ सकता। हम सभी जब भी इस दुनिया में जन्म लेते हैं तो सबसे पहले शुरुआत होती है एक विद्यार्थी जीवन से विद्यार्थी जीवन में जो हमारे पास समय होता है वह काफी अनमोल होता है।

यदि विद्यार्थी जीवन के समय में किसी व्यक्ति ने उस समय का सदुपयोग किया तो वह सफलता की ऊंचाइयों को छू जाता है वह समय को सही तरह से उपयोग करके जीवन में आगे बढ़ता जाता है।


कई विद्यार्थी होते हैं जो अपने इस विद्यार्थी जीवन को ऐसे ही गुजारते जाते हैं वह समय की कद्र नहीं करते लेकिन जब वह बड़े हो जाते हैं तो वह समझ पाते हैं कि समय लौट कर कभी भी दोबारा नहीं आता वास्तव में समय अनमोल होता है विद्यार्थी जीवन ही वह समय होता है जिसमें हम अपने भविष्य के लिए कुछ अच्छा कुछ बड़ा कर सकते हैं अन्यथा विद्यार्थी जीवन गुजर जाने के बाद हमें सीखने के लिए ज्यादा समय नहीं होता जिसका विद्यार्थी जीवन का समय अच्छी तरह से बिताया गया हो उसका भविष्य जरूर उज्जवल होता है।


विद्यार्थी जीवन के बाद जब मनुष्य आगे बढ़ता है और अपने कार्य क्षेत्र में आता है तो उसको समझ आता है कि जो समय गुजर चुका है यदि उस समय में मैं समय का सदुपयोग करता तो मेरी जिंदगी क्या होती क्योंकि समय अनमोल होता है यह कभी भी पैसों से दोबारा नहीं खरीदा जा सकता यानी समय दोबारा लौटकर कभी भी नहीं आता जिसने भी अपने शुरुआती जीवन में समय का महत्व समझा है उनका भविष्य उज्जवल हो जाता है और वह कुछ बड़ा कुछ अच्छा करते हैं।


धीरे-धीरे मनुष्य की जिंदगी गुजरती जाती है जब मनुष्य बुढ़ापे में आता है तो उसको अपने जीवन के दिन याद आते रहते हैं वह सोचते हैं कि काश बचपन दोबारा आ जाते तो हम कुछ बड़ा कर सकते थे लेकिन वह यह भी जानते हैं कि समय दोबारा नहीं आएगा समय अनमोल होता है इसको खरीदा भी नहीं जा सकता इसलिए हम सभी को जीवन में समय को अनमोल समझते हुए समय का सदुपयोग करना चाहिए यही सबसे महत्वपूर्ण कदम है।


 हर एक इंसान सफलता पाने के लिए अपना कार्य शुरू करता है लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ कल पर अपना कार्य छोड़ कर समय को अनमोल ना समझ कर सिर्फ अपना समय बर्बाद करते रहते हैं जो समय को अनमोल नहीं समझता उसका भविष्य अंधकार में होता है किसी ने खूब कहा है कि अपने समय का सदुपयोग करें।


आज जितने भी सफल लोग हैं उन्हें यदि हम देखें  तो हम समझ सकते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में समय को अनमोल समझते हुए अपने जीवन में कार्य किया है तभी वह जीवन में सफलता की बुलंदियों को छू पाए हैं।

आज चाहे कोई महान नेता हो या कोई बिजनेस मैन हो हर किसी  की सफलता के पीछे सबसे जरूरी यही होता है कि वह अपने जीवन के समय को अनमोल समझता है और समय का सदुपयोग करते हुए सफलता की ओर बढ़ता है इसलिए हमें भी समय को अनमोल समझना चाहिए और जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए।


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Friday, 24 January 2025

जीने की कला शीर्षक निबंध Jeene ki kala nibandh 2024

जीने की कला शीर्षक निबंध 

प्रस्तावना- मनुष्य को यदि जीने की कला आती है तो वास्तव में वह अपने जीवन में काफी ज्यादा आगे बढ़ जाता है। वह सफलता की बुलंदियों को पा लेता है। जीवन की कला वास्तव में एक ऐसी कला है जिससे सीखना बहुत ही जरूरी है। जीवन की कला के बगैर इंसान पीछे रह जाता है।

जीने की कला- जीने की कला वास्तव में अपने आपमें एक ऐसी कला है जिसके जरिए लोग सफलता की बुलंदियों को छू लेते हैं। आज के समय में कई सारे लोग होते हैं जो जीवन में सफल होने के लिए लगातार मेहनत करते हैं लेकिन सफलता उनसे कोसों दूर होती है, ऐसे लोग कभी भी जीवन में सफल नहीं हो पाते। 

जीने की कला यदि किसी इंसान को आती है तो वह काफी आगे बढ़ता है। हमें चाहिए कि हम अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें तभी हम जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। हम हमारे लक्ष्य के बारे में सोचें और अपनी पढ़ाई या अपने कामकाज की शुरुआत करें। 

हमारी रोजाना की दिनचर्या नियमित होनी चाहिए हमें सुबह जल्दी जागना चाहिए, व्यायाम आदी करने के बाद हमें स्नानादि करना चाहिए और फिर भोजन इत्यादि भी समय पर करना चाहिए। उसके बाद नियमित रूप से एक टाइम टेबल बनाकर हमें अपने कार्य को करना चाहिए। 

यदि एक दिन या सप्ताह या महीने भर की आपके पास पहले से ही प्लानिंग है तो आप वास्तव में अपनी उस प्लानिंग को ठीक तरह से फॉलो करते हुए बहुत ही जल्द सफलता की बुलंदियों को पा लेंगे।

कई सारे ऐसे स्टूडेंट होते हैं जो पढ़ाई करते हैं लेकिन उन्हें अपना लक्ष्य पता नहीं होता ऐसे स्टूडेंट जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते। हमें अपने लक्ष्य के साथ अपने कार्यों को करना चाहिए तभी हम सफल हो सकते हैं। 

हम देखते हैं कि बड़े बड़े बिजनेसमैन जो सफल हुए हैं उनमें सबसे बड़ी कॉमन बात यह है कि उनकी प्रतिदिन एवं साप्ताहिक या महीने या साल भर की प्लानिंग होती है उस हिसाब से वह कार्य को करते हैं और अपने कार्यों को सफलता पूर्वक अंजाम देते हैं और आगे बढ़ते जाते हैं हमें भी जीवन जीने की यही कला सीखनी चाहिए।

उपसंहार- जीवन जीने की कला वास्तव में एक ऐसी कला है जिसके जरिए लोग बड़े से बड़े कार्यों को कर सकते हैं और सफलता की बुलंदियों को छू सकते हैं। हर किसी को जीवन जीने की कला को सीखने की जरूरत है।

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Saturday, 28 December 2024

बालक बालिका एक समान पर निबंध Balak Balika ek saman essay in hindi

बालक बालिका एक समान पर निबंध

दोस्तों नमस्कार, कैसे हैं आप सभी दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल बालक बालिका एक समान आप सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है। आप इस आर्टिकल को पढ़ें समझें और अपनी परीक्षा की तैयारी करें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे आर्टिकल को

प्रस्तावना- आज के समय में बालक बालिका एक समान है, सरकार ने भी बालक बालिका दोनों को समान अधिकार दिए हैं, सरकार भी बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए पहल कर रही है। हम सभी को बालक बालिकाओं को आगे बढ़ाना चाहिए और उनको पढ़ाना चाहिए जिससे वह आगे चलकर जीवन में तरक्की कर सके।

बालक बालिका एक समान- आज से कुछ समय पहले बालक बालिकाओ को एक समान नहीं समझा जाता था दरअसल महिलाओं के प्रति कई कुप्रथाओ में जैसे कि पर्दा प्रथा, सती प्रथा आदि प्रथाओं ने महिलाओं की स्थिति दयनीय कर दी और महिलाओं को कई सारे अधिकार भी नहीं दिए और उनसे अधिकार छीन भी लिए गए, महिलाओं को पुरुष के अधीन रहना पड़ता था। 

लोग बालिकाओं को पढ़ाना पसंद नहीं करते थे वो समझते थे कि बालिकाएं तो शादी के बाद अपने घर चली जाएंगी लेकिन आज के आधुनिक युग में बालिकाएं भी बालकों के साथ आगे बढ़ रही हैं। चाहे वह पढ़ाई का क्षेत्र हो, चाहे वह नौकरी का चाहे वह बिजनेस का क्षेत्र हो हर एक क्षेत्र में बालिकाएं बालकों के साथ में आगे बढ़ती जा रही हैं।

आज के समय में सरकार भी बालिकाओं को आगे बढ़ाने का प्रयत्न कर रही है और लोगों को जागरूक कर रही है कि वह बालकों के साथ में बालिकाओं को भी पढ़ाई लिखाई करवाएं और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें।

बालिका बालिकाएं हमारे देश का नाम भी रोशन कर रही हैं, देश को आगे भी बढ़ा रही हैं, बालिकाएं आज धीरे-धीरे ऐसे उच्च पदों पर पहुंच रही हैं उन्हें वहां देखकर हम समझ सकते हैं कि आज बालक बालिका एक समान है। 

सरकार ने हर प्रयत्न किया है जिससे वह बालक बालिकाओं के बीच का अंतर दूर कर सके और बालिकाओं को भी बालकों के समान अधिकार दे सकें।

उपसंहार- आज के समय में हम सभी को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। हमें बालक बालिकाओं को एक समान समझना चाहिए। सरकार कई ऐसे कदम उठा रही है जिससे बालक बालिकाओं के बीच का अंतर हम दूर कर सकते हैं और बालिकाओं को भी हम बालकों की तरह पढ़ा लिखाकर आगे बढ़ा सकते हैं।

वास्तव में हमें जागरूक होना चाहिए और बालिकाओं को भी बालकों के समान समझकर आगे बढ़ाना चाहिए।

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Sunday, 8 December 2024

यदि तुम सैनिक होते तो निबंध Yadi tum sainik hote to nibandh hindi

यदि तुम सैनिक होते तो निबंध 

दोस्तों नमस्कार, आज हम आपके लिए लाए हैं यदि तुम सैनिक होते तो पर हमारे द्वारा लिखित यह लेख आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस आर्टिकल को 

यदि तुम सैनिक होते तो बहुत ही अच्छा होता, तुम देश के सैनिक बनकर देश के लिए बहुत कुछ कर सकते हो। तुम सैनिक बनकर अपनी ईमानदारी से देश के प्रति ईमानदारी पूर्वक पूर्ण कर्तव्य निभाते और देश के लिए अपनी जान निछावर करने से भी नहीं चूकते। 

यदि तुम देश के सैनिक होते तो वास्तव में मुझे तुम पर बहुत ज्यादा गर्व होता, यदि तुम देश के सैनिक होते तो वास्तव में मैं हर किसी से तुम्हारी प्रशंसा करता क्योंकि वैसे भी तुम मेरे दोस्त हो और काफी प्रशंसा के योग्य हो। 

यदि तुम सैनिक होते तो वास्तव में मैं दूसरों से तुम्हारी प्रशंसा करते करते नहीं थकता क्योंकि देश का सैनिक मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण है, यदि तुम देश के सैनिक होते तो मुझे पक्का विश्वास है कि तुम किसी भी दुश्मन को सबक सिखा सकते थे और अपने देश को आगे बढ़ाते चले जाते।

तुम देश के सैनिक बनकर मेरे लिए, मेरे परिवार के लिए, अपने खुद के परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण होते और मैं भी तुम्हारी तरह बनने की जरूर सोचता। यदि तुम सैनिक होते तो मेरे लिए तुम्हारा परिवार सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता क्योंकि एक सैनिक सभी देशवासियों के लिए, उनके परिवार के लिए अपनी कुर्बानी देने से भी नहीं चूकता इसलिए एक सैनिक के परिवार की सुरक्षा करना उसकी देखरेख करना मैं अपना कर्तव्य समझता हूं।

यदि तुम देश के सैनिक होते तो तुम कभी कबार ही मुझसे मिलने के लिए आते लेकिन जब भी आते हो ऐसा लगता कि तुम अब मेरे पास ही रहो लेकिन मेरे लिए मेरा देश सबसे पहले है इसलिए मैं चाहकर भी तुम्हें नहीं रोकता वास्तव में यदि तुम सैनिक होते तो तुम हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते।

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Thursday, 14 November 2024

मेरा प्रिय व्यक्ति पर निबंध Short essay on mera priya vyakti in hindi

मेरा प्रिय व्यक्ति पर निबंध 

प्रस्तावना - सभी के कोई ना कोई व्यक्ति प्रिय जरूर होते हैं जो उनको मानते हैं उनकी बातों का अनुसरण करते हैं और उनसे जीवन में सीख लेकर आगे बढ़ते चले जाते हैं मेरे जीवन के भी प्रिय व्यक्ति हैं श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी

मेरे प्रिय व्यक्ति नरेंद्र मोदी- मेरे प्रिय व्यक्ति नरेंद्र मोदी हैं जो आज भारत देश के प्रधानमंत्री भी हैं वह गुजरात के हैं इनके पिताजी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का कार्य करते थे. श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी अपने बचपन में चाय बेचने का कार्य किया जब बड़े हुए तो उन्होंने सन्यासी का जीवन जीने का सोचा लेकिन किसी कारण बस फिर इन्होंने राजनीति को ही अपना सर्वस्व निछावर कर दिया.

पहले उन्होंने गुजरात में चुनाव लड़ा कई सारी समस्याएं उनके जीवन में आई कई लोगों ने उन पर आरोप भी लगाए लेकिन समय के साथ उन पर लगाए गए आरोप दूर हो गए क्योंकि नरेंद्र मोदी जी एक सच्चे और अच्छे इंसान हैं नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात में तो विकास किया ही था उसके बाद नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री का चुनाव लड़ा और इनके अच्छे कार्यों की वजह से नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बन गए.

आज वह दूसरी बार भारत देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं जनता उन्हें बेहद पसंद करती है क्योंकि इन्होंने कई सारी ऐसी योजनाएं चलाएं जो वास्तव में लोगों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है.

उपसंहार - वास्तव में नरेंद्र मोदी जी एक अच्छे नेता तो है ही साथ में नरेंद्र मोदी जी एक अच्छे इंसान भी हैं उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर दिया एवं लोगों के फायदे के लिए बहुत कुछ प्रयास किया विपक्ष ने इन पर कई तरह के आरोप भी लगाए लेकिन वह आरोप गलत साबित हुए वास्तव में हमें ऐसे ही नेता की जरूरत थी और वह नेता आज हमारे समक्ष है.

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Wednesday, 23 October 2024

गरीबी क्या है निबंध Garibi kya hai essay in hindi

गरीबी क्या है निबंध 

प्रस्तावना- गरीबी एक ऐसी स्थिति है जिसमें मनुष्य की स्थिति काफी दयनीय हो जाती है। व्यक्ति रोटी, कपड़ा, मकान और अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता या ठीक तरह से नहीं कर पाता, ऐसी स्थिति को ही गरीबी कहते हैं। गरीबी की स्थिति को दूर करना बेहद जरूरी है गरीबी कई कारणों से आती है जिन्हें हम जानने वाले हैं 

गरीबी के कारण गरीबी होने के कारण कई सारे हैं जिन्हें हम जानने वाले हैं। 

जनसंख्या वृद्धि- जनसंख्या वृद्धि की वजह से गरीबी काफी बढ़ती जा रही है। भारत देश में जनसंख्या काफी अधिक है ऐसे में कई लोग बेरोजगार रह जाते हैं, सरकार भी ज्यादा लोगों को नौकरी नहीं दे पाती और इस तरह से जनसंख्या वृद्धि के कारण गरीबी की समस्या सामने आती है।

अनपढ़ता- आज के समय में हम देखते हैं कि कई लोग ऐसे हैं जिनको पढ़ाई लिखाई करने का मौका सही तरह से नहीं मिला जिस वजह से उन्हें अच्छा रोजगार नहीं मिल पाता और उन्हें अपने जीवन में गरीबी की समस्या से जूझना पड़ता है इसलिए हमें चाहिए कि हम हमारे लड़के लड़कियों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दें। सरकार भी इस ओर विशेष ध्यान दे रही है हम सभी को जागरूक होना चाहिए।

उचित शिक्षा का अभाव- आज के समय में हम देखते हैं कि कई लोग ऐसे होते हैं जो शिक्षा तो प्राप्त करते हैं लेकिन आधुनिक युग में जिस तरह की शिक्षा की उन्हें जरूरत है उस शिक्षा की ओर ध्यान नहीं देते और उन्हें कोई अच्छा सा रोजगार नहीं मिल पाता और गरीबी जैसी स्थिति देखने को मिलती है।

लैंगिक भेदभाव- आज के समय में हम देखते हैं की आज भी लोग लड़का लड़की में भेदभाव करते हैं। लड़कों को शिक्षा दिलवाते हैं और लड़कियों को उचित शिक्षा नहीं दिलवाते, वह समझते हैं कि लड़की तो शादी के बाद पराई हो जाएगी इस वजह से वह लड़की को अच्छी शिक्षा नहीं दिलवा पाते। यदि लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो इस महंगाई के समय में पुरुषों के कदम से कदम मिलाकर कुछ अच्छा कर पाएगी और परिवार की गरीबी को दूर करने में मदद करेगी।

महंगाई- 21वी सदी में हम देख रहे हैं कि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, ऐसे समय में कई सारे लोग गरीबी के स्तर पर पहुंचते जा रहे हैं वास्तव में महंगाई भी गरीबी की समस्या को जन्म देने का एक प्रमुख कारण है।

गरीबी को दूर कैसे करें इसके उपाय- गरीबी को दूर करना बहुत जरूरी है। गरीबी को दूर करने के लिए हमें चाहिए कि हम जनसंख्या वृद्धि को दूर करने की कोशिश करें। महंगाई के समय में समय के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करें और आगे बढ़े। 

गरीबी को दूर करने के लिए हमें चाहिए कि हम लड़का लड़की में किसी भी तरह का भेदभाव ना करें, लड़कियों को भी लड़कों के समान पढ़ाएं, उन्हें अधिकार दें और उचित से उचित शिक्षा दें। वास्तव में यदि हम सब जागरूक होकर इस तरह के कार्यों के प्रति कदम बढ़ाएंगे तो हम गरीबी को दूर कर सकेंगे।

उपसंहार- गरीबी को दूर हम सब जागरूक होकर कर सकते हैं हम सभी को गरीबी को दूर करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए और लोगों को भी जागरूक करना चाहिए तभी हमारे देश से गरीबी दूर हो सकती है।

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Thursday, 17 October 2024

आदर्श अध्यापक निबंध Adarsh Adhyapak par Nibandh

Adarsh Adhyapak par Nibandh

दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप सभी, दोस्तों आज के हमारे आर्टिकल में हम पढ़ने वाले हैं आदर्श अध्यापक पर हमारे द्वारा लिखित यह निबंध आप इसे जरूर पढ़ें तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे लेख को 

प्रस्तावना 

एक अध्यापक हमारे जीवन में काफी महत्व रखते हैं क्योंकि एक अध्यापक के जरिए ही हम जीवन में आगे बढ़ते हैं। यदि एक आदर्श अध्यापक हमारे होते हैं तो हम जीवन में सफलता की बुलंदियों को छू पाते हैं और जीवन में बड़ी से बड़ी समस्याओं कर पाते हैं।

एक आदर्श अध्यापक 

आदर्श अध्यापक से तात्पर्य ऐसे अध्यापक से है जो पढ़ाई में पूरी तरह से निपुण है, उन्हें विषय का पूर्णता ज्ञान हो और वह विद्यार्थियों की पढ़ाई से संबंधित हर एक समस्या को हल करने की क्षमता रखते हो, ऐसे अध्यापक हमेशा विद्यार्थियों के रोल मॉडल होते हैं क्योंकि ऐसे अध्यापकों की वजह से विद्यार्थी उनसे प्रेरित होकर जीवन में आगे बढ़ते जाते हैं और अपनी हर एक समस्या को हल करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं।

एक आदर्श अध्यापक बच्चों को पढ़ाई के साथ नैतिक ज्ञान की शिक्षा भी देते हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ाने की हर एक सलाह देते हैं। एक आदर्श अध्यापक के जीवन में शिक्षा के साथ ही अपने विद्यार्थियों को एक अच्छा इंसान बनना भी मकसद होता है। 

आदर्श विद्यार्थी जीवन में एक बड़ी सफलता हासिल करके आगे बढ़ते जाते हैं। आज के समय में हम देखते हैं कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं जिनको अपने विषय का पूर्णता ज्ञान नहीं होता, यह उनकी गलती भी हो सकती है क्योंकि उनका पढ़ाई पर विशेषता ध्यान नहीं होता 

इसके अलावा यह शिक्षक की कमी भी होती हो सकती है हो सकता है एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों को ठीक तरह से नहीं पढाता हो इसलिए एक शिक्षक का आदर्श शिक्षक होना बहुत ही जरूरी है।

कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं जो अपने विद्यार्थी जीवन को अधिक महत्व नहीं देते और जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते। कई बार विद्यार्थियों के साथ ऐसा इसलिए भी हो सकता है की हो सकता है उनके एक आदर्श अध्यापक ने उन्हें शिक्षा को सही तरह से प्रदान की हो लेकिन फिर भी विद्यार्थी ना तो पढ़ाई को ज्यादा महत्व दे रहा हो और ना ही अपने समय को महत्व को समझ पा रहा हो।

एक आदर्श शिक्षक का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ में नैतिक शिक्षा एवं जीवन के लिए कई ऐसी जरूरी शिक्षा प्रदान करें जिससे विद्यार्थी अपने विद्यार्थी जीवन को महत्व दे और शिक्षा सही तरह से प्राप्त कर सके तभी एक आदर्श शिक्षक के जरिए विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ सकता है और देश का नाम रोशन कर सकता है।

उपसंहार 

वास्तव में एक आदर्श अध्यापक हमारे देश के लिए, हमारे समाज के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि आदर्श अध्यापक के जरिए ही देश और समाज का निर्माण होता है।

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